माँ,
वात्सल्य और प्रेम की मूर्ति है तू
मुस्कुराहट भोर की,
ढलती बेला की
गोधुली है तू...
माँ, मैं तेरे माथे की बिंदी
तू है मेरी प्यारी परी,
अगर मैं तेरा भूगोल हूँ
तो तू मेरा पूरा ब्रहमांड है।
मैं तेरी गणित हूँ
तूने सरल किये हर सवाल मेरे।
मैं तेरी भाषा हूँ
तूने दिया शब्द और भाव मुझे ।
मैं तेरी शान हूँ ,
तू मेरा अभिमान है ।
🌷🌹ममतामयी माँ को समर्पित🌷🌹
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